गुलाब's image
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कुछ किताबों में छिपा रखे हैं

कुछ ख्यालों में छिपा रखें हैं

वो गुलाब जो तुमने दिए थे

प्रेम की निशानी बना रखे हैं


तुमको याद हो कि न याद हो

हमने तो सब जिला रखे हैं

जो मुरझा चले थे वो

अपनी साँसों में महका रखे हैं ।


 मं शर्मा (रज़ा)

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