धरती's image
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कितना धैर्य धर ती है धरती

कितनों का बोझ उठाती है

कितना व्याकुल हैआसमां

यूँ ही गरजा बरसा करता है


ज़मीं-आसमां मिलकर दोनों

सृष्टि का संचालन करते हैं

अर्श - फर्श बनकर दोनों

सबका आश्रय बन जाते हैं।


मं शर्मा( रज़ा)

#स्वरचित

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