दर्द's image
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होठों पर ताले

कितने भी लगाले

राज यूँ भी

खुल जाएगा


दिल के छाले

कितने भी छिपाले

दर्द है

एक दिन कराहेगा


सबने चखा है

स्वाद दर्द का

नज़रों से

ज़ाहिर हो जाएगा।


मं शर्मा( रज़ा)

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