आग's image
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नफरत की आग है

दूर तलक जाएगी

जाने कितनों के

घर जलाएगी

आज सुलगी है

बरसों गरमाएगी


सुलगाने वालों के

हाथ भी जलाएगी

नफरत की आग है

फर्क नहीं करती

ग़म न कर

घर तेरा भी जलाएगी।

मं शर्मा (रज़ा)

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