बचपन से सुनती आई हूं हर लडकी का सपना होता है शादी, उसे यह क्यों नहीं कहा जाता कि अपने पैरों पर खड़े होना तेरी आज़ादी।
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बचपन से सुनती आई हूं हर लडकी का सपना होता है शादी, उसे यह क्यों नहीं कहा जाता कि अपने पैरों पर खड़े होना तेरी आज़ादी। ~ममता मांजू ✨

MAMTA MANJUMAMTA MANJU December 3, 2022
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बचपन से सुनती आई हूं हर लडकी का सपना होता है शादी, उसे यह क्यों नहीं कहा जाता कि अपने पैरों पर खड़े होना तेरी आज़ादी।

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