मौत's image
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#कहाँ था कहीं नहीं बेदख़ल।

दिल मे नहीं दिमाग़ मे रहना चाहता हूँ।।

#क्या करूँ की क़त्ल हो जाऊं।

 की बदनाम होना चाहता हूँ।।

#बाद मरने के अपने जनाज़े।

 की भीड़ देखना चाहता हूँ।।

#दोस्त क़फ़न मे क़लम रख देना।

 अपनी मौत पर शेर लिखना चाहता हूँ।।

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