दोस्त's image
Share0 Bookmarks 23 Reads0 Likes

#अच्छे वक़्तों के दोस्त भूल गया।

बुरे वक़्तों के दोस्त याद आए।।

#तमन्ना कोई और तो न थी।

बस ये था आ जाये बस आ जाए।।

#कोई नहीं सुनता था मुझे।

तू ही कहता इक शेर और हो जाए।।

#जिंदा है बेदख़ल तेरी वाह वाही से।

तू मिलता रह औऱ कलम हाथ से न जाए।।



No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts