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#डूबें दरिया मे और क्या करें न करें।
ढूंढे भी नहीं मिल रही हैं कस्तियाँ।।
#माफ़ी तो मांगने पर भी नहीं।
क्यूं न कर लूं कुछ और गलतियां।।
#बचपन जवानी लड़कपन अब कहाँ।
निकला हूँ कहीं दिख जाएँ मस्तियाँ।।
#सुब्ह से
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