सृजनिक समाप्ति!'s image
Poetry1 min read

सृजनिक समाप्ति!

Mahima ThakurMahima Thakur April 25, 2022
Share0 Bookmarks 31 Reads0 Likes
[4/14, 12:14 AM] 
Carolina: 
नष्ट कर देना चाहती हूं मैं
पल रही उस महीन किरण को भी
जो बंधन होने का अहम कारण है
वही दुख का कारण है...

[4/14, 5:45 AM] 
Derozio: 
सृजन करो उस चेतना का
जो ज्ञान की किरण का
तात्विक विश्लेषण करते हुए,
भौतिक बन्धनों के सन्त्रास से
आत्म को मुक्ति दे!
मनुजता को शक्ति दे!
विकलता को थाम ले!
दुःख- सुख में जीवन को
समरसता दे।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts