बचपन's image
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आदमी कितना ही उम्रदराज हो 

नौकर हो या उसका ही राज हो

 सभ्य,संस्कारित या बकवाज हो

अभी जन्मा या मर रहा आज हो 

उसमें एक चीज कभी नही मरती

गगन छुए या चूम रहा हो धरती

हर कोई अपने मन का परिन्दा होता है

सब में हमेशा एक बच्चा जिन्दा होता है

महेन्द्र

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