ये नज़र उनकी नज़र से मिल जाएं तो अच्छा's image
Poetry1 min read

ये नज़र उनकी नज़र से मिल जाएं तो अच्छा

AnkswritesAnkswrites April 2, 2022
Share0 Bookmarks 42 Reads1 Likes

ये नज़र उनकी नज़र से मिल जाएं तो अच्छा

मेरा दिल उन को कहीं से ढूंढ लाएं तो अच्छा..


हम दोनों जो चुपके - चुपके ख़्वाबों मिल रहे हैं 

अगर ये ख़्वाब हकीकत में बदल जाएं तो अच्छा..


मैं ज़ख्मी कलम से रोज़ लिख तो देता हूं अपना तुम्हें

हों यूं कि कभी ये मेरा लिखा सच हो जाएं तो अच्छा..


पर्दा हम भी कर रहें हैं इस ज़माने से और तुम भी

किसी दिन बे - खौफ़ हो कर मिल जाएं तो अच्छा..


मैं हर रोज़ सजदे में तुझे मांगता हूं अपने खुदा से

कभी बिन मांगे ही हमको तू मिल जाएं तो अच्छा..


इस बज़्म में बे - कस तुम भी हो और हम भी 

एक दूजे को देख कर हम खिल जाएं तो अच्छा..


उस को दूर से तकते हुए गुज़र रही हैं उम्र हमारी

ऐसा हो वो मेरे बगल में आके बैठ जाएं तो अच्छा..


तुम सा बेअदब शख्स अब तक नहीं देखा हैं ' अंकित '

तुम्हारा यार किसी दिन तुम से बिछड़ जाएं तो अच्छा..




No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts