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भीड़ में , झुंड में

Krishna PrajapatiKrishna Prajapati April 26, 2022
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भीड़ में, झुंड में

जो चलता नहीं ।

कामयाबी को और कोई

दिखता नहीं ।


उठाओ धनुष

चढ़ाओ तीर ।

जीतके सबको

हो जाओ रणवीर।


कमर जिसकी

कसी हुई होती है।

समझो उसीकी

जीत हुआ करती है।


एक मछली पर

जिसका बाण टीका होता है।

उसके नसीब में कामयाबी का

जश्न लिखा होता है।

कृष्णा .क. प्रजापती।






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