प्रकृति का संदेश's image
Poetry1 min read

प्रकृति का संदेश

Dr. Pooja MakheDr. Pooja Makhe August 2, 2022
Share0 Bookmarks 0 Reads1 Likes
खिले हुए फूल
कहते हैं
मुस्कराते चलो
झूमती शाखें
कहती हैं
नम्र होकर भी
मस्ती से जियो
कलियां कहती हैं
उम्मीद पर भरोसा रखो
पतझड़ कहता है
परिवर्तन एक 
अटल सत्य है
नदी, झरने, पहाड़, हरियाली
ये सभी खुशहाली के
संदेश देते हैं
यही धरती की शान हैं
इन्हें मत छेड़ो
इन्हें मत हटाओ
इन्हें मत और सताओ
मत करो खिलवाड़
इन्हें बचाओ
इन्हें बचाओ


No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts