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क्यों कि तुम नहीं हो

kaushal kumar joshikaushal kumar joshi August 7, 2022
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इन सितारों से पूछो मैं कितना तन्हा हूँ....

क्यों कि तुम नहीं हो,

इन नज़ारों से पूछो मैं कितना तन्हा हूँ....

क्यों कि तुम नहीं हो


न जाने क्यों मैं सारी रात जग तन्हाई में

रोता रहता हूँ,

इन अश्कों की....

नम कतारों से पूछो मैं कितना तन्हा हूँ...

क्यों कि तुम नहीं हो


महफिल में है तन्हाई बताते हैं मुझे,

बिन पूछे,

तुम इन बाज़ारों से पूछो मैं कितना तन्हा हूँ......

क्यों कि तुम नहीं हो


सारी रात जो मेरे साथ जगी रहती हैं,

हर इक पल,

तुम इन दीवारों से पूछो मैं कितना तन्हा हूँ.....

क्यों कि तुम नहीं हो




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