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Mothers DayPoetry2 min read

माँ माँ होती है

Kapileshwar singhKapileshwar singh May 10, 2022
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रोज नई सुबह आती है

उसके मैसेज की याद आती है।

मैं उठता हूं रोज देर

पर "चाय बन गई"

ऐसी आवाज आती है।

वो जागती है सबसे पहले

फिर भी उसे सोने की

सबसे बाद याद आती है।


बीमार होने पर मुझसे दूर नही जाति है।

चिंता में मेरी खुद की दवा भूल जाती हे।

पर में भूलु जो कुछ तो याद दिलाती हे।

मां बोलु या ईश्वर मुझे समझ नहीं आती है।

मैं भूलु भी तो कैस वो हर दम याद आता है।

मेरे लिए भगवान की पूजा उसकी ममता के बाद आती है।


ना जाने कुछ लोगो को कैसे 9 महिने जिसने पेट में पाला

वो 9 महिनो बाद याद आती है।

सुधर जाओ ऐसे लोगो वना

माँ किस्मत में 7 जनम बाद आती है।


कुछ लोगो के लिए एक लाइन और:

और हा मां एक औरत है

फिर वो मेरी हो या तुम्हारी

वो भी थोड़ा सम्मान चाहती है।

मेरे लिए वो बुर्खे में हो या साड़ी में

खुदा और ईश्वर से ऊपर उसकी पहचान आती है।

माँ माँ होती है उसी से तुम्हारी जान आती है।

माँ माँ होती है उसी से तुम्हारी जान आती है।



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