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उगता हुआ कर्म बीज - कामिनी मोहन।

Kamini MohanKamini Mohan September 17, 2022
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उगता हुआ कर्म बीज - कामिनी मोहन।

जानता हूँ, हर तत्व का एक दूजे से हैं जुड़ाव
हर तत्व में है रहता दस प्राणों का पड़ाव।

अलग-अलग सब तत्वों की एकता है जरूरी
पर एक करने की कोशिश रहती हैं अधूरी।

स्थूल और सूक्ष्म के केन्द्र को टटोल आए हैं
नाड़ियों के सातों संगम को बोल आए हैं।

सब देह कलश भर-भर कर यहाँ आए हैं
पर अंतत: देह के भेद को तोड़ते आए हैं।

न रह सकेंगे, न देख सकेंगे सबकुछ
पर उगता हुआ कर्म बीज बो आए हैं।
- © कामिनी मोहन पाण्डेय।

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