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हर नए मोड़ पर

Kamini MohanKamini Mohan May 14, 2022
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हर   नए   मोड़   पर   बदलते   हैं   रिश्ते,

ठंडे और गर्म आँसुओं के समंदर है रिश्ते,

चाहत और नफ़रत के बेशुमार है किस्से

सदा ही अपनों की बाहों में मरते हैं रिश्ते।

- © कामिनी मोहन पाण्डेय


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