धीरे-धीरे सब अच्छा हो जायेगा's image
Peace PoetryPoetry1 min read

धीरे-धीरे सब अच्छा हो जायेगा

क्षितिजाक्षितिजा December 24, 2021
Share0 Bookmarks 33 Reads0 Likes
चबूतरे पर उड़ेगा धुआं
बुजुर्गो के हुक्के से,
चाय की चुस्कियों का दौर
चलेगा फिर नुक्कड़ पे,
कंधो पे सजेंगे बस्ते
कक्षा में 'शैतान' लड़ेंगे
गेंद लगेगी बल्ले से
टूटेंगे कांच फिर घरों के,
मां मौसी फिर मिलेंगी
बरसो की बाते
बरसो तक चलेंगी
धीरे-धीरे
जग में
सब अच्छा हो जायेगा ।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts