सुनील दत्त साहब's image
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बॉलीवुड ने सुनील दत्त साहब को बड़ी जल्दी गंवाया।

कल रात टीवी पे इनकी फिल्म मुन्ना भाई देख रहा था मैं तो आज सुनील दत्त साहब के बारे में लिखने का ख्याल मुझे आया।


अपने बेटे संजय दत्त को नशे की दुनियां से बाहर लाने के लिये सुनील दत्त साहब ने यत्न किये थे उस वक्त अनेक।

इंसान थे सुनील दत्त साहब बड़े ही नेक।


अपने बेटे संजय दत्त को नशों से बाहर सुनील दत्त साहब का प्यार और साथ ही लाया था।

सुनील दत्त साहब जैसा अदाकार और इंसान इस धरती पे फिर कभी नहीं आया था।


हर रोल में डाल देते थे सुनील दत्त साहब जान।

जन्म हुआ था इनका जिसे आज हम कहते है सब झेलम(पाकिसान)।


एक बार इन्होंने नरगिस जी को आग से बचाया था।

तभी से एक दूसरे पे इनका दिल आया था।

दुनिया की परवाह किये बिना दोनों ने अपना घर बसाया था।


कुछ देर बाद नरगिस जी को कैंसर हो जाना ।

और साथ ही अपने जवान बेटे संजय दत ने एक से बड़ा एक नशा करने लग जाना ।

 ये देखकर सुनील दत्त साहब जी ने पूरी तरह से टूट जाना।


सब डॉक्टरों ने दे दिया था नरगिस जी को जवाब।

कह दिया था उस वक्त डॉक्टरों ने नरगिस जी है अब बस थोड़े दिन की मेहमान।


फिर भी सुनील दत्त साहब ने अमेरिका ले जाकर नरगिस जी का इलाज़ करवाया।

पैसा सुनील दत्त साहब ने नरगिस जी और अपने बेटे संजय दत्त के ऊपर पानी की तरह बहाया।


इलाज़ के दौरान ही नरगिस जी ने दुनिया को अलविदा कहा।

एक टाइम संजय दत्त से नशा किये बिना जाता नहीं था रहा।


किसी ने संजय दत्त को आतंकवादी,किसी ने बेवड़ा,किसी ने मवाली,किसी ने नशेड़ी तक कहा।

अपने बेटे संजय दत्त के लिये सुनील दत्त साहब ने लोगों के सब तानों को दिन रात सहा। 


फिल्में सुनील दत्त साहब की रही सारी जबरदस्त।

इंसान थे सुनील दत्त साहब बड़े मस्त।


आखरी फिल्म इनकी अपने बेटे संजय दत्त के साथ मुन्ना भाई एमबीबीएस आई।

(जादू की झपी)सुनील दत्त साहब के जाने के बाद भी संजय दत्त को आज भी कई बार याद आई।


25मई2005को ऐक बुरी ख़बर आई।

जब सुनील दत्त साहब की मौत की खबर आई।

ये सुन के इनके चाहने वालों की आंखें भर आई।


नम आंखों से दी इनके थी पूरे परिवार और इनके चाहने वालों ने इनको विदाई।

प्रभु,नीलू दीदी और मेरी मां ने मिलकर अपने बेटे सनी के हाथों में लिखने के लिये कलम पकड़ाई✍️

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