करवाचौथ है आज's image
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आज बात करवाचौथ के बारे में करते है ।

सनी खुद कुछ नहीं लिखता लिखवाने का काम तो प्रभु,नीलू दीदी और मेरी मां मिलकर अपने बेटे सनी के अंदर हिम्मत भरते है ।


हर शादीशुदा औरत के लिये आज का दिन होता है बड़ा खास ।

अपने पति के लिये करती है हर औरत हार शिंगार ।


हाथों में मेंहदी लगाई जाती है ।

रंग बिरंगी चूड़ियां भी आज के दिन पहनी जाती है ।


सुबह जल्दी उठ के औरतें सरगी खाती है ।

फिर रात होने पर चांद निकलने के बाद अपने पति की पूजा की जाती है ।


अपने पति के हाथों पानी पी कर औरतें अपना व्रत खोलने का काम करती है ।

सारा दिन भूखी रहने का काम कुछ औरतें बड़ी हिम्मत से करती है ।


कुछ औरतें तो शाम को कथा सुनने के बाद थोड़ा सा कुछ खा लेती है ।

लेकिन बहुत कम औरतें ऐसी होती जो रात को ही कुछ खाती और अपने पति के हाथों ही पानी पीती है ।


बड़ी बेसब्री से करवाचौथ वाले दिन चांद का इंतज़ार हर कोई करता है ।

कुछ शायर कहते है ए चांद मैंने जिसे अपना खुदा माना है तू कहा उससे अपना मुकाबला करता है ।


ए चांद तेरी रोशनी रह गई थोड़ी कम ।

जब से हमने उसे देखा दीवाने हुऐ उनके हम ।


कुछ शायर किसी की इबादत में लिखने का काम करते है 

लफ्जों को वो कुछ इस तरह से बयां करते है ।


मुंह से कम आंखों से वो ज्यादा बात करते है ।

खुली जुल्फें देख कर उनकी हम किसे बताए हम कितनी आहें भरते है ।

किसे बताएं हम उन पे कितना करते है ।


कुछ शायर अपनी शायरी शायरी में बात इबादत की जरूर करते हैं।

लिखवाने का काम प्रभु,नीलू दीदी और मेरी मां मिलकर अपने बेटे सनी से करते है✍️

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