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चंद्र शेखर आजाद (जन्मदिन)

JAGJIT SINGHJAGJIT SINGH July 23, 2022
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अपनी जान को किया भारत माता के नाम।

आज कल के बच्चों को चंद्र शेखर का जन्मदिन कहा होगा याद।


ना किसी पे जुल्म करना ना खुद पे जुल्म सहना।

चंद्र शेखर जी का उसूल था इसी बात पे अड़े रहना।


15साल की उम्र में आज़ाद का नाम मिला।

जेल भेजा गया इन्हें लेकिन इस बात का इन्हें नहीं था कोई गिला।


क्रांतिकारी बनने का दिल में आया इनके विचार।

देश की आज़ादी के लिऐ लड़ने के लिऐ खुद को किया था इन्होंने त्यार।


इतने आदर्शवादी थे कभी किसी भी औरत और बच्चों पे ना उठाया हाथ।

देश की आज़ादी के लिऐ उस वक्त कई लोग आ गये थे देने इनका साथ। 


8सितम्बर 1928 को दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में एक गुप्त मीटिंग इन्होंने बुलाई।

तब इन्होंने कहा जब तक आज़ादी नहीं मिलेगी मरते दम तक जारी रहेगी अंग्रेजो से हमारी लड़ाई।


भगत सिंह,राजगुरु,और सुखदेव को जब फांसी की सजा सुनाई।

इस बात ने इनके दिल पे बहुत गहरी चोट पहुंचाई।


तीनों की सजा कम करवाने के बहुत किये थे इन्होंने प्रयास।

लेकिन कोई भी प्रयास ना आया इनके काम।


एक बार अपने एक मित्र सुखदेव राज़ से मिलने जाना।सीआईडी के एसएसपी नॉट बाबर को इनकी ख़बर मिल जाना।


उसी वक्त बाबर ने भारी पुलिस को लेकर उस जगह पहुंच जाना।

पुलिस वालों से लड़ते लड़ते चंद्र शेखर हो गये थे शहीद।

भारत को मिलेगी आज़ादी इस बात की थी पूरी इन्हें उम्मीद।

प्रभु,नीलू दीदी और मां कहते है सनी मुश्किल है वक्त तो क्या हुआ तू होना ना कभी ना उम्मीद✍️

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