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6जून(ज़ख्म जो आज तक ना भरे)

JAGJIT SINGHJAGJIT SINGH June 6, 2022
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दिन है आज 6जून ।

38साल पहले साल 1984में आज ही के दिन कितने मासूमों का बहा था खून ।


वो दिन आज भी सिख कोम भूल ना पाया ।

जिनके अपने उनसे उस वक्त बिछड़ गये थे उनका ज़ख्म आज तक भर ना पाया ।


कई लोग आज भी जरनैल सिंह भिंडरावाले को संत तो कई उन्हें आतंकवादी बताते है ।

आती है जब जब 6जून कुछ लोग मिलके पंजाब का माहौल ख़राब करवाने लग जाते है ।

यहां तक की बाज़ार भी बंद करवा दिये जाते है ।


धारा 144लगा दी जाती ।

जिनके अपने इस दिन उनसे बिछड़े थे उनका दर्द कोई कैसे समझयेगा उन्हें उनकी आज भी याद कितनी है आती ।


कैसा देश है हमारा यहां जो धर्म के ठेकेदार है उनकी तरफ़ से अक्सर बेतुके बयान दिये जाते है ।

दंगे हर बार आम इंसान के कहने पर नहीं इस देश के नेताओं के कहने पर अक्सर हो जाते है ।


लाखों बेगुनाहों का उस वक्त खून बहा ।

जिस जिस ने वो मंजर अपनी आंखों से देखा वो दर्द देख कर लिखे बिना ना इंसान से गया रहा ।


स्वर्ण मंदिर पर हमला हुआ था।

जो भी हुआ था उस वक्त वो बिल्कुल ठीक ना हुआ था ।


स्वर्ण मंदिर की आस्था पर लगा दाग़ आज तक कोई ना भूल पाया ।

दर्द है ये बहुत बड़ा फिर भी प्रभु,नीलू दीदी और मेरी मां ने मिलकर अपने बेटे सनी से लिखवाया✍️

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