जख्मों का दुकान || एम ए हबीब इस्लामपुरी || Arman islampuri's image
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जख्मों का दुकान || एम ए हबीब इस्लामपुरी || Arman islampuri

एम ए हबीब इस्लामपुरीएम ए हबीब इस्लामपुरी March 8, 2022
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अब तो जख्मों का दुकान करेंगे हम।
दर्द ए इश्क से प्यार करेंगे हम।
सुनलो ऐ दिल तोड़ने वालों,
अब जख्मों का व्यापार करेंगे हम।

अब तो जख्मों का.... .... ....

मेरे दिल को चुरा कर तूने अपना बनाया।
और अपने ही चीज़ को तूने तोड़ डाला।
इस टूटे हुए दिल को लेकर आराम करेंगे हम।
गैरों पे नहीं अब अपनों पे वार करेंगे हम।

अब तो जख्मों का.... .... ....

बरसों तक तूने इस दिल को चुराया था।
जुदाई के वायरस इस में फैलाया था।
अब इस वायरस का इस्तेमाल करेंगे हम।
क्योंकि अब दर्दों का दुकान करेंगे हम।

अब तो जख्मों का.... .... ....


✍एम ए हबीब इस्लामपुरी

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