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मैं खुद को बहुत हिफाज़त से रखता हूँ

I Am D WriterI Am D Writer January 11, 2023
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मैं खुद को बहुत हिफाज़त से रखता हूँ
क्योंकि तुम ये कहो या ना कहो
मैं खुद को तुम्हारी अमानत समझता हूँ
पता नहीं किस रोज़ आजाओ तुम मुझे लेने
ये सोच के मैं घर मे भी सज सवर के रहता हूँ
मैं खुद को बहुत हिफाज़त से रखता हूँ
एक बस्ता बना लिया है कुछ पुराने कपड़ो का
क्योंकि जो तुम्हे याद हो वो अब मुझे आते नहीं
पहले से मैं भी तो थोड़ा बदल गया हूँ
और इसीलिए अपनी पुरानी तस्वीर अपनी ही जेब मे रखता हूँ
मैं खुद को बहुत हिफाज़त से रखता हूँ
जब आओगे तो सोच के आना
जैसा छोड़ा था वैसा नहीं मिलूँगा
एक साथ जुड़ा हुआ लगूँगा
पर नया नहीं पुराना ही दिखूंगा
ये सोच के घबराना नहीं
कि मैं तुम्हे कैसे पहचानूंगा
क्योंकि आज भी मैं आईने मे मैं तुम्हे ही देखता हूँ
और इसीलिए, मैं खुद को बहुत हिफाज़त से रखता हूँ

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