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नूतन नवल उमंग

Himkar ShyamHimkar Shyam April 2, 2022
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नव संवत्, नव चेतना, नूतन नवल उमंग।
साल पुराना ले गया, हर दुख अपने संग।।  

चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा, वासन्तिक नवरात।
संवत्सर आया नया, बदलेंगे हालात।। 

जीवन में उत्कर्ष हो, जन-जन में हो हर्ष। 
शुभ मंगल सबका करे, भारतीय नव वर्ष।।

शुरू हुआ था सृष्टि का, इस दिन ही निर्माण।
वीर- विक्रमादित्य का, गूँजा था जय गान।।

जीवन के नव चक्र का, नूतन वर्ष प्रतीक।
परिवर्तन  दस्तूर  है, शिक्षा बड़ी  सटीक।।

नव सूरज की नव किरण, नए- नए तरु पात।
नव परिक्रमा पर धरा, दिवस- बराबर रात।।

पकी  फसल  कटने लगी,  हर्षित हुए किसान।
वसुधा मधुरस बाँटती,  जड़-चेतन गतिमान।।

■ हिमकर श्याम

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