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दर्द का रिश्ता भला ढोता है क्या

Himkar ShyamHimkar Shyam March 14, 2022
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दर्द का रिश्ता भला  ढोता  है  क्या
छोड़ दे माज़ी के ग़म, रोता है क्या

ज़िक्र क्यों नाकामियों का कर रहा
हो  गया  सो  हो गया रोता है क्या

अहले- दिल से पूछ ले क़ीमत ज़रा
इश्क़ दौलत है बड़ी,  खोता है क्या

एक दिन सब  कुछ फ़ना हो जाएगा
फिर किसी की मौत पर रोता है क्या

कौन जाने कब ये किस्सा ख़त्म हो
तेरा किस्सा मुख़्तसर होता है क्या

रफ़्ता-रफ़्ता उम्र 'हिमकर' ढल रही
बैठे- बैठे  वक़्त  तू  खोता  है क्या


 ■ हिमकर श्याम

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