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चाँद और तुम (By Heartly Imaginations)

Heartly_imaginationsHeartly_imaginations November 17, 2022
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नहीं कहना चाहता मैं तुम्हें
चाँद या चाँद के जैसा
क्योंकि चाँद को तो
हर कोई टांक देने की बात करता है
अपनी प्रेमिका के कुर्ते में

हर प्रेमी करता है इश्क में
चाँद को तोड़ लाने के वायदे,
पर मैं नहीं चाहता,
कि तुम्हें कोई टांके या तोड़ लाए
इश्क़ में इतना ख़ुदगर्ज होना
तो लाज़मी है मेरा

क्योंकि तुम नहीं हो इश्क़ का चाँद
जो तुम्हें तोड़ा या टांका जा सके
तुम टूटोगी तो सिर्फ़ मेरी बाहों में
और बिखरोगी तो सिर्फ़ मेरे लिए

और सुनो,
तुम चाँद नहीं हो
ना ही चाँद के जैसी हो
तुम हो मेरे इश्क़ का ब्रम्हाण्ड
और मैं ठहरा हुआ एक कण
जो है सिर्फ़ तुम्हारे लिए
तुमसे ही है जिसका अस्तित्व.

Anubhav Mishra
#Heartlyimaginations 

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