"सच्ची  बात बताता हूंँ "
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"सच्ची बात बताता हूंँ " (कविता)शिष्यों के नाम

हरिशंकर सिंह 'सारांश 'हरिशंकर सिंह 'सारांश ' February 8, 2022
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मेरी लेखनी ,मेरी कविता 
"सच्ची बात बताता हूंँ" (कविता) शिष्यों के नाम 

पढ़ना, लिखना
 काम तुम्हारा, 
यही तुम्हें
 बतलाता हूंँ।
सच्ची बात बताता हूंँ।।

 जो गुरुओं ने
 हमें सिखाया
वही तुम्हें सिखलाता हूंँ।
सच्ची बात बताता हूंँ।।

 चलो नीति की
 राह सदा तुम,
 तुमको यह समझाता हूंँ। सच्ची बात बताता हूंँ।

झूठ न बोलो,
 सच अपनाओ
सदाँ सत्य का
दामन पाओ,
आज यही सिखलाता हूूँ। सच्ची बात बताता हूंँ।

 राम कृष्ण की
 धरती है यह
गुण के सागर
कहलाए ।
गुरुजनों के
 मन को जीता
पुरुषार्थी कहलाए।

 उनकी तरह
अगर ना हों तो
 कम से कम
इतना कर लो,
 शिक्षा की बूंँदों से
 अपनी छोटी सी
गागर भर लो।।

 ऋषियों-मुनियों
 ने समझाया
 वही तुम्हें समझाता हूंँ। सच्ची बात बताता हूंँ।

 आज अगर तुम
 पिछड़ गए तो
 फिर पीछे
 पछताओगे, 
पश्चाताप का
 मंजर होगा
कुछ भी समझ
 न पाओगे ।

इसीलिए
 इस जीवन का
मैं तुमको ज्ञान कराता हूँ। सच्ची बात बताता हूंँ।

 हरिशंकर सिंह सारांश 

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