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रूह को जब सांँस आए( कविता)

हरिशंकर सिंह 'सारांश 'हरिशंकर सिंह 'सारांश ' July 24, 2022
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मेरी लेखनी मेरी कविता
 रूह को जब सांँस आए
(कविता )

जिस्म का अवसान हो 
और रूह को जब सांँस आए,
नजरों से अपनी निहारना 
जब अक्स मेरा पास आए।।

हरिशंकर सिंह सारांश   

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