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"मैं वक्ते सजल लिखता हूंँ" (कविता)

हरिशंकर सिंह 'सारांश 'हरिशंकर सिंह 'सारांश ' February 14, 2022
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मेरी लेखनी ,मेरी कविता
"मैं वक्ते  सजल लिखता हूंँ "
   (कविता)

चुनिंदा वक्त 
 की खातिर
 मैैं लफ्ज़े आम
लिखता हूंँ ।

तेरी ,मेरी कहानी को
 मैं दिन और रात
 लिखता हूंँ ।।

जो सबको रास आती है
 वही मैं बात लिखता हूंँ
 मैं नज्मे वक्त लिखताहूँ।।

 हरिशंकर सिंह सारांश

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