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जो डगर हमने चुनीँ (कविता)

हरिशंकर सिंह 'सारांश 'हरिशंकर सिंह 'सारांश ' April 20, 2022
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मेरी लेखनी मेरी कविता 
जो ड़गर हमने चुनीं
(कविता )

जो डगर  हमने चुनीं
  वह दूर तक ले जाएगी।
 हर तरफ इस  रोशनी की
चमक बनकर  छाएगी।।

जब सफर पर हम चलें
 ज्ञान अपना पास हो,
भावों में अपने रोशनी
 हरगिज़ न काली रात हो।।
ज्ञान की सच्ची डगर
 मानव को सफल बनाएगी
 जो डगर हमने चुनीं
 बहुत दूर तक ले जाएगी।।

पुंँज मानव शक्ति का 
ज्ञान का भंडार है ।
सम्मान की डगर तेरी 
आदर्श का समभाव है।
रीत की यह भावना
सत्कर्म ही सिखलाएगी ।
जो  डगर हमने चुनीं
 वह दूर तक ले जाएगी ।।

हरिशंकर सिंह सारांश    

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