दर्द छुपा कर मुस्कुराना पड़ता है's image
Poetry1 min read

दर्द छुपा कर मुस्कुराना पड़ता है

हरिशंकर सिंह 'सारांश 'हरिशंकर सिंह 'सारांश ' July 17, 2022
Share0 Bookmarks 108 Reads1 Likes
मेरी लेखनी मेरी कविता 
दर्द छुपा कर मुस्कुराना पड़ता है
( कविता)

झूठ भी बोलना पड़ता है
 सच भी छुपाना पड़ता है,
जिंदगी के लिए हर रास्ता
 अपनाना पड़ता है।

शरीफ लोगों को जीने कहां देते हैं
 कभी कभी बुरा भी बन जाना पड़ता है।
यह जिंदगी है यारों 
यहां दर्द छुपा कर मुस्कुराना पड़ता है।।

हरिशंकर सिंह सारांश      

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts