आज की नींव कल का आधार होगी 
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आज की नींव कल का आधार होगी (कविता) छात्र विशेषांक

हरिशंकर सिंह 'सारांश 'हरिशंकर सिंह 'सारांश ' February 10, 2022
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मेरी लेखनी ,मेरी कविता 
आज की नींंव कल का आधार होगी। (कविता) छात्र विशेषांक 

आज की नींव
कल का आधार होगी।
 करोगे जो मेहनत
 वह अंजाम होगी।

 हजारों निगाहें
उम्मीद लेकर, 
ताकती हैं तुमको
 आशीष लेकर ।

चलो तुम डगर पर
जीवन की ऐसी,
 पतंँगा जो दीपक से रखता है जैसी ।
 
सपने जो जीवन में
 देखे हैं तुमने, 
शिक्षा तेरी तुझको
 वह मुकाम देगी।

 जगह भी सही है,
 है ,माहौल मुकम्मल
 फिर तो तुम्हें कोई दिक्कत न होगी ।

करो तैयार खुद को
इस तरह कि, 
पाने में मंजिल को दिक्कत न होगी ।

आज की नींव
 कल का आधार होगी।

 हरिशंकर सिंह सारांश 

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