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'मेरा संघर्ष '

HarishHarish December 2, 2021
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'मेरा संघर्ष'

"कभी ज़िंदगी,

तो कभी दुनिया

रुलाती बहुत है


थकती नहीं,

मेरी आंखों में

पानी बहुत हैं


नित सींचता हूं,

जड़ें सपनों की

गहरी बहुत है


नाकाम है मगर

हारा नहीं, दिल

ज़िद्दी बहुत है"


~हरीश

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