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मेरे शेर तुम्ही से है...

गोपाल भोजकगोपाल भोजक March 19, 2022
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मेरे शेर तुम्ही से है, 

दुनियां मेरी तुम्ही से है।


मन भँवरे का हवा-उजाला,

कली फूल तुम्ही से है।


दिन भर थके तन मन की,

गहरी नींद तुम्ही से है।


मेरे अधूरे जीवन की,

पूर्णता सिर्फ तुम्ही से है।


©गोपाल भोजक

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