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गुजरे वक़्त की निशानी

गोपाल भोजकगोपाल भोजक April 25, 2022
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ये जो सर की चांदी चेहरे की लकीरें है,


गुज़रे हुये वक़्त की बस यही निशानी है।

©गोपाल भोजक

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