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फिर वही नहीं आया है

Geeta TandonGeeta Tandon January 11, 2022
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एक तुम ही हो

जो जिद्दी और अकड़ू नहीं हो

न ही मनमानी करते हो

तभी तो सब तुम्हें चाहते हैं

तुम हमेशा साथ बने रहते हो

लोग तुम्हें किसी न किसी तरह

अपनी यादों से जोड़े रखते हैं

सबकी डायरी में, पत्रों में

दस्तावेजों और रसीदों में

बच्चों की कॉपियों में

टिकटों पर , चेक पर

कैलेंडर की डेट पर

इतिहास के पन्नों पर

कार्डों में,सर्टिफिकेट पर

हरेक के जन्मदिन पर

तुम ही तुम छाये रहते हो

कुछ कहे बिना ही

सब कह जाते हो

और एक दिन यूँ ही

सबके बीच से चले जाते हो

कोई न तुम्हें रोकता है

न तुम्हारे जाने से दुखी होता है

ऐ 'पुराने साल'

केवल तुम ही हो जिसका

हमेशा के लिए चले जाना भी

सबको खुशी देता है

न कोई तुम्हें बुलाता है

न तुम कभी वापस लौटते हो ...




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