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तकलीफ़-ए-ज़िंदगी

Dr. SandeepDr. Sandeep October 21, 2021
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मौत को तो लोगों ने यूँ ही बदनाम कर रखा है

रोज़ नई तकलीफ़ तो ज़िंदगी ने ही ज़्यादा दी है

मौत तो अपने आगोश में चैन की नींद सुलाती है

ज़िंदगी ही है जो ताउम्र बस ख़्वाबों के पीछे भगाती है..!!


#तुष्य



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