कुछ तुम कहो, कुछ मैं कहूँ...'s image
Poetry2 min read

कुछ तुम कहो, कुछ मैं कहूँ...

Dr. SandeepDr. Sandeep May 2, 2022
Share0 Bookmarks 676 Reads3 Likes

आँखों में ऐसे बसो तुम कि सीधा दिल में समा जाओ

चलो ख़्वाबों में ही सही अपना चेहरा तो दिखा जाओ..

बहुत अज़ीज हो तुम बड़ी दुआओं से मांगा है तुम्हें

साथ निभाने का वादा करके अब ऐसे न रूला जाओ..!!

---

छोड़ो ये गुस्सा चलो कुछ मोहब्बत की बातें करते हैं

सुनो मेरे कानों में एक प्यारी सी नज़्म गुनगुना जाओ..

अच्छा मैं हारा चलो मेरे यार अब तुम नाराज़ ना होना

मुझे कबूल है हर सजा बस एक बार मुस्कुरा जाओ..!!

---

क्या भूल हुई मुझ से जो इस तरह जुदा हो गए तुम

बस एक बार वापस आकर इतना मुझे समझा जाओ..

बिन तेरे अबतक अकेला है राह-ए-इश्क़ पर सफ़र मेरा

सुनो मेरा हाथ पकड़ ज़िंदगी का सफ़र पूरा करा जाओ..!!

---

चाहो अगर तुम तो वहीं से हाल-ए-दिल सुना सकते हो

अपना समझते हो मुझे तो दर्द-ए-दिल मुझे बता जाओ..

होठ हैं बेशक खामोश मेरे लेकिन कह रही है मेरी क़लम

चाहो तो इस दिल में आकर नया आशियाना बसा जाओ..!!

#तुष्य

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts