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इम्तिहान-ए-इश्क़...

Dr. SandeepDr. Sandeep January 18, 2022
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रूठे यार को मनाना मुश्किल...

ख़्वाबों को ख़्वाहिशों का लिबास पहनाए बैठा हूँ

इश्क़ के इम्तिहान में अपना सबकुछ लुटाए बैठा हूँ..

हैरान हूँ तेरे इंतज़ार भरे सब्र का पैमाना देखकर

तेरे लफ़्ज़ों पर ऐसे ही नहीं मैं दिल लगाए बैठा हूँ..

सुन बे-वजह मुँह मोड़ रूठ कर बैठ जाने वाली

मैं अभी तक तेरी तस्वीर दिल से लगाए बैठा हूँ..

अगर गु्स्सा है तो झगड़ ले पर बात तो कर मुझसे

तेरे गुस्से पर अपने प्यार का जाम छलकाए बैठा हूँ..

ज़िंदगी का मज़ा तो हुस्न-ए-साक़ी मय-ए-इश्क़ में है

देख तेरी नशीली आँखें में मैं खुद को डूबाए बठा हूँ..

अब किसी और के तसव्वुर को उठती नहीं ये नज़र

तुझको याद करते करते मैं खुद को भुलाए बैठा हूँ..!!

#तुष्य

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