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हिन्दोस्तां की आवाज़ गुम गई है!

Dilip LalwaniDilip Lalwani February 6, 2022
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सितार तो बेतार हुए हैं,
सुर भी रूठ गए हैं,
सबके गले  रुंधे से है,
संगीत लहरियां थम सी गई है
हिन्दोस्तां की आवाज़ ग़ुम गई है,
आज सुरकोकिला बिछड़ गई है।

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