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कुछ नयी सी लगती हू मैं

Dhvani ModiDhvani Modi November 24, 2021
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कुछ नयी सी लगती हू मैं...
कुछ पुराना तोड़, कुछ नया जोड़ती रहती हू मैं 
दिन यूँ ही गुज़रते है, शामें ढलती है रोज़ ही की तरह 
फिर भी...कुछ नयी सी लगती हू मैं 
ये राहे भी कुछ अजीब सी है अक्सर वहीं लौट कर ले आती है
शायद मकसद यहीं है इनका की देख सकु मैं,
कुछ नयी सी लगती हू मैं 

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