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बनल रहा बरियार मोदी जी

Dhirendra PanchalDhirendra Panchal October 25, 2021
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छूट गइल कुल यार संघाती , घरवां के परिपाटी ।

दिन से भइली हीन गाँव क गरियावेले माटी ।

धय धय लोला दाबेले सरकार मोदी जी ।

राम करें तूं बनल रहा बरियार मोदी जी ।


चिक्कन चिक्कन बात तू खाली टीबी से बतियावा ।

समय के मारल लइकन के कह पुलिस से लतियावा ।

बस भाषण में बांटा तू रोजगार मोदी जी ।

राम करें तूं बनल रहा बरियार मोदी जी ।


माई बहिन क गारि देवे खातिर हव परशासन ।

सुन सुन के बरदास करिले जइसे कुस के डासन ।

पढ़ लिख के भी ताकि मुँह तोहार मोदी जी ।

राम करें तूं बनल रहा बरियार मोदी जी ।


सांझ सबेरे ढिबरी लेखा भभकी अउर बुताईं। 

गांव के लोगवा पुछेलें कब कपरा मऊर बन्हाई ।

अर्थहीन हो गइली हम बेकार मोदी जी ।

राम करें तूं बनल रहा बरियार मोदी जी ।


तीन लोक क बिजयी रावण बनबासी से हारल ।

बानर के बानर जाने क गलती लंका जारल ।

जिन बुझा तू संसद के ससुरार मोदी जी ।

राम करें तूं बनल रहा बरियार मोदी जी ।

संविधान क हम्मे कवन असार मोदी जी ।

राम करें तूं बनल रहा बरियार मोदी जी ।


✍️ धीरेन्द्र पांचाल

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