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नाम किसका है

Devanshu SharmaDevanshu Sharma October 4, 2021
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उम्र तलक गलतियां तलाशता रहा गैरों की,

हर बात पर होने वाला ये दिल-ए-नाकाम किसका है।


मिली मुझे जो शिकस्त मौहब्बत-ए-जंग में,

मेरी इस नाकामी पर जशन-ए-कोहराम किसका है।


तू चाहती तो पकड़ सकती थी हाथ मेरा,

इस साजिश को अंजाम देने का काम किसका है।


मेरी अना अब तुझसे मिलने की इज़ाजत नहीं देगी,

मेरे इस फैसले पर छलकने वाला ज़ाम किसका है।


तेरी आंखों से रिसता पानी और सीने से निकली आह,

इन अश्कों पर, इन सांसो पर आखिर नाम किसका है।


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