मन की व्यथा's image
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देख कर उसकी जुल्फें curly
इस दिल ने हामी भर ली
देख कर उसकी ब्लू पेंट पर वाइट शर्ट 
धक धक करता मेरा ह!र्ट
नजरें मिलाने से वह थी घबराती 
पर मन ही मन वह थी चाहती 
पता है मुझे उसके मन की व्यथा 
वह भी चाहती थी जी
भर कर मुझको देखना
इसीलिए मैंने खुद को 
उसके सामने आने से रोका
ताकि पीछे से उसको भी मिले
जी भर कर देखने का मौका
पता नहीं क्यों वह नजरें
मिलाने से थी घबराती
उस बस स्टैंड पर
पला प्यार अनोखा  
ना तो मैंने 
ना तो उसने 
कभी अपना मुंह खोला
सिमट कर रह गई 
इशारों में चाहत
आज भी इन धड़कनों पर
 दे जाती है वो आहट....✍

दीपक (बेख्याली)

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