बरसात's image
Share0 Bookmarks 18 Reads0 Likes
आज फिर से उसने पूरी रात बरसात होते देखी!
 आज फिर उसने सारी मेहनत बर्बाद होते देखी
 कभी प्रकृति से, तो कभी भूख से लड़ता
समय के चक्कर में हमेशा वो ही पिसता

दीपक (बेख्याली)

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts