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रातों की चुभन

Deepak ThakurDeepak Thakur June 16, 2020
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ये जो रातों को जज्बात यूं बेक़ाबू हो जाते है


चाह भर लू , तो भी किसी और के नही हो पाते है ।


अब तो अश्क़ों ने भी नैनों का साथ छोड़ दिया है


खैर , तेरे बिना फिर एक नई सुबह आती है ,


फिर दुनिया की इस भीड़ में बेमकसद खो जाते है ।

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