प्रेम की निशानी's image
Poetry1 min read

प्रेम की निशानी

Ayush soniAyush soni July 28, 2022
Share0 Bookmarks 128 Reads1 Likes
 ये अथाह समुद्र भी
प्रेम की एक निशानी है

सूरज और पृथ्वी का प्रेम
अनभिज्ञ नहीं है किसी से
जब बिछड़े होंगे दोनों
इस जगत के निर्माण के लिए

तब पृथ्वी द्वारा 
अपने अश्कों को 
ना रोक पाना ही 
एक कारण है ,
विशाल सागर के होने का। 

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts