सफरनामा's image
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अभी थमा नही है सफर मेरा
अभी खत्म नही हुआ हूँ मैं
बाकी है सागर मेरे अंदर 
छलका अभी तो गागर भर हूँ

धीमा हो गया हूँ थोड़ा
थमा अभी नही हूँ मैं
सिख रहा हु हुनर अभी
बना अभी नही हूँ मैं
समेट रहा हु सब अपने में 
भरा अभी नही हूँ मैं

अभी तो जमीकंद हूँ
कोपल फूटना अभी बाक़ी है
शाखे भी निकलेंगी 
जड़े जमाना अभी बाकी है।

सिख रहा हु हुनर अभी
बना अभी नही हूँ मैं
थमा नही है सफर मेरा
खत्म नही हुआ हूँ मैं।

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