आसान होती इतनी जिंदगी (कविता)'s image
Poetry1 min read

आसान होती इतनी जिंदगी (कविता)

Ashish SinghAshish Singh July 8, 2022
Share1 Bookmarks 378 Reads2 Likes
तब रहीम भी हो जाते कबीर, 
गरीब भी हो जाते अमीर, 
मरीज भी हो जाते चिकित्सक, 
गर आसान होती इतनी जिंदगी। 

तब घास भी बन जाते पेड़, 
विंध्य भी बन जाते हिमालय, 
नाले भी बन जाते नदी, 
गर आसान होती इतनी जिंदगी। 

वो सपने जो रह गए अधूरे, 
वो इश्क़ जो हो ना पाए पूरे, 
वो साथ जो छूट गए पीछे, 
क्या रह जाते सब ऐसे, 
गर आसान होती इतनी जिंदगी। 
                                             ~ आशीष सिंह

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts